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नई नीति में शराब सिडिंकेट का एकाधिकार होगा खत्म, आबकारी का राजस्व 13.36 फीसद बढ़ा

प्रदेश में नई शराब नीति लागू हो गई है। नई शराब नीति से पूरे जिले पर एकाधिकार रखने वाले शराब सिडिंकेट भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। जिले में अब 33 समूह में ठेका निकाला गया है। इन में से 12 समूहों का ठेका 11 फरवरी को हो गया हैं। 21 समूह शेष रह गए हैं। इन 21 समूहों का ठेका देने और ठेकेदारों को नई नीति समझाने के लिए आज मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आबकारी विभाग द्वारा आमंत्रित किया गया हैं। शाम को कलेक्टर स्वयं ठेकेदारों को सहजता से नई आबकारी नीति को समझायेंगे। ठेकेदारों द्वारा जो सवाल पूछे जायेंगे उनके जवाब भी जिला कलेक्टर ऐसे देंगे जैसे पाठशाला में शिक्षक देते हैं। नई आबकारी नीति को समझाने के लिए कल आयोजित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला आबकारी अधिकारी वीरेन्द्र धाकड़ ने बताया कि आज कलेक्टर अक्षय कुमार के मुख्यालय से बाहर रहने के कारण यह कार्यक्रम कल किया जा रहा हैं। इस कार्यक्रम में ठेकेदारों को नई आबकारी नीति के फायदे बताकर उन्हें समूह लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी ने दावा किया हैं कि नई नीति के लागू हो जाने से शराब उपभोक्ताओं को पहले से कम कीमत पर शराब मिलेगी क्योंकि 31 समूह में शराब का ठेका होने के कारण प्रतिस्पर्धा होगी जो कीमत गिरने का प्रत्यक्ष कारण बनेगी।

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