लंदन. (एडम सेटारिआनो और डेवी अल्बा) जानलेवा कोरोना वायरस फैलाव के बीच सोशल मीडिया पर 5 जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ जमकर अभियान चल रहा है। फेसबुक ग्रुप, व्हाट्सएप संदेशों और यूट्यूब पर यह गलत प्रचार हो रहा है कि 5 जी टेक्नोलॉजी की रेडियो तरंगों से लोगों के शरीर में परिवर्तन होते हैं इसलिए वह वायरस का शिकार हो जाता है। ब्रिटिश अधिकारियों ने बताया कि देश में इस माह वायरलैस टॉवर जलाने की 30 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। टेलीकॉम टेक्नीशियन को परेशान करने की 80 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। ब्रिटेन के बर्मिंघम, लिवरपूल सहित कई स्थानों और उत्तर आयरलैंड के बेलफास्ट में ऐसी घटनाएं हुई हैं। 5जी उपकरणों की खास सुरक्षा के आदेश दिए 23 मार्च को ब्रिटिश सरकार ने 5जी उपकरणों की खास सुरक्षा के आदेश जारी कर दिए हैं। इन घटनाओं से पता लगता है कि वास्तविक दुनिया में कोरोना वायरस साजिश का कैसा अंधा प्रचार किया जा रहा है। गलत प्रचार अभियान पर रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों का कहना है, कोरोना वायरस से पहले कभी ऐसे अभियान ने इतनी जल्दी बहुत नुकसान नहीं पहुंचाया है। ब्रूसेल्स स्थित यूरोपियन यूनियन डिसइंफो लैब के...
मुकेश गौड - प्रधान संपादक