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एलओसी / भारत की जवाबी कार्रवाई में 2 फौजी मारे गए, पाक सैनिक सफेद झंडा दिखाकर शव ले गए

    • पीओके के हाजीपुर सेक्टर से एक वीडियो सामने आया, जिसमें पाक सैनिक सफेद झंडा दिखाकर अपने साथियों का शव ले जाते दिख रहे
    • पाकिस्तान ने जुलाई में मारे गए 5-7 सैनिकों और आतंकियों के शव लेने से मना किया था, पाक फौज में पंजाब क्षेत्र से 70% सैनिक
  • श्रीनगर. पाकिस्तानी सेना पिछले कुछ दिनों से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रही है। इसके जवाब में भारतीय सेना ने 10 और 11 सितंबर को पाकिस्तान के 2 सैनिकों को मार गिराया था। इसके बाद पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के हाजीपुर सेक्टर से शनिवार को एक वीडियो सामने आया, जिसमें पाकिस्तानी फौजी सफेद झंडा दिखाकर अपने जवानों का शव ले जा रहे है।
    भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा कि 10-11 सितंबर को हमारे जवानों ने हाजीपुर सेक्टर में सिपाही गुलाम रसूल को मार गिराया। रसूल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला था। शुरुआत में पाकिस्तानी सेना अपने सैनिक का शव ले जाने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान एक और सैनिक मारा गया। पाक सैनिक दो दिनों से लगातार कोशिशों के बावजूद शवों को बरामद नहीं कर सके। 13 सितंबर को पाक सैनिक सफेद झंडा दिखाकर शव ले गए। हमारी सेना ने इसका सम्मान करते हुए शवों को ले जाने की अनुमति दे दी।
    इससे पहले पाक ने इनकार किया था
    इससे पहले पाकिस्तान सेना ने केरन सेक्टर में 30-31 जुलाई को मारे गए अपने 5-7 सैनिकों और आतंकियों के शव वापस लेने से इनकार कर दिया था। सूत्रों ने बताया कि केरन में मारे गए लोग कश्मीरी या पाक की उत्तर लाइट इन्फैंट्री (एनएलआई) के जवान रहे होंगे।
    पाक सेना में 70% से ज्यादा पंजाबी मुस्लिम सैनिक
    पाकिस्तान ने कारगिल युद्ध में भी मारे गए अपने सैनिकों का शव लेने से इनकार कर दिया था। जबकि भारतीय सेना ने युद्ध के दौरान बर्फीले ऊंचाइयों पर अपनी सैनिकों का अंतिम संस्कार किया था। अफसरों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना में पंजाबी मुस्लिम जनरलों का वर्चस्व है। पाक सेना में उस क्षेत्र के 70% से ज्यादा सैनिक हैं। पाक सेना हमेशा मारे गए पंजाबी सैनिकों के शवों को वापस लाने की कोशिश करती है।

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