दरअसल, मंत्री ने पूछा था कि मेरे चुनाव क्षेत्र में बदनापुरा की सीवर लाइन का भूमिपूजन मैंने जून 2019 में किया था ताे अभी तक उसका काम क्याें शुरू नहीं किया गया। इसके जवाब में शिशिर श्रीवास्तव ने कहा कि लेवलिंग काे लेकर दिक्कत है इसलिए सर्वे के बाद ही इसका काम शुरू हाे सकेगा।
इसके बाद उन्होंने पूछा कि स्वर्ण रेखा नदी में छह माह से सीवर बह रहा है। पिछले माह सात साल के बच्चे की इसमें डूबने से मौत हो गई, इसके बावजूद सीवर का बहना बंद नहीं हुआ। इस पर शिशिर ने जवाब दिया कि हर दिन 40-50 श्रमिक सीवर लाइन की सफाई कर रहे हैं। यह सुनते ही मंत्री ने कहा कि अभी सभी श्रमिकों को बुलाओ। यह सुन निगमायुक्त संदीप माकिन, शिशिर व विधानसभा के सीवर सेल प्रभारी आरके शुक्ला एक-दूसरे को देखने लगे। अचानक मंत्री कुर्सी से उठे और शिशिर के पैर छू लिए और कहा कि आप जैसे लोगों के कारण ही हम लोग चुनाव हारते हैं।
अफसरों की कार्यपद्धति से नाराज मंत्री तोमर ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्वर्ण रेखा की सफाई के लिए चार मार्च तक का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि चार मार्च तक आपने सफाई नहीं की तो पांच मार्च को वे खुद स्वर्ण रेखा में उतरेंगे और सफाई अभियान शुरू करेंगे, लेकिन काम में ढिलाई बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Comments
Post a Comment