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एसिड अटैक पर टिकटॉक स्टार फैजल सिद्दीकी ने बनाया वीडियो, एक्शन लेगा NCW

टिक टॉक स्‍टार फैजल सिद्दीकी मुश्किल में पड़ गए हैं. उनकी एक वीडियो के चलते उनके खिलाफ ट्विटर पर लोगों का गुस्‍सा फूट रहा है. हाल ही में फैजल ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वे लड़कियों पर एसिड अटैक का महिमामंडन करते नजर आ रहे हैं. अब ट्विटर पर हो रहे हंगामे के बाद इस पर राष्‍ट्रीय महिला आयोग (NCW) कार्रवाई करने जा रहा है. एसिड अटैक को प्रमोट करता है वीडियो? वायरल वीडियो में फैजल एक ऐसे लड़के की एक्टिंग कर रहे हैं, जो अपने प्यार को खो देने का गम कर रहा है. वो अपनी प्रेमिका से कहते हैं कि उसने तुझे छोड़ दिया, जिसके लिए तूने मुझे छोड़ा था? और फिर उसपर कुछ फेंकते हैं. ये एसिड होता है, जिसकी वजह स लड़की का चेहरा खराब हो जाता है. NCW लेगा एक्शन? ट्विटर पर यूजर्स इस वीडियो की निंदा कर रहे हैं, जिसके बाद बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्‍गा ने NCW की चेयरपर्सन रेखा शर्मा को टैग किया और मामले को हाइलाइट किया. इसके बाद रेखा शर्मा ने उन्हें जवाब दिया कि वे इस मामले को पुलिस और टिकटॉक इंडिया तक लेकर जाएंगी. बता दें कि फैजल सिद्दीकी, टिक टॉक के पॉपुलर स्टार हैं और उनके 13.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. फैजल सि...

सूरज भी लॉकडाउन में, क्या पूरी पृथ्वी पर जम जाएगी बर्फ?

धरती को ऊर्जा देने वाला हमारा सूरज आजकल कम गर्म हो रहा है. इसकी सतह पर दिखने वाले धब्बे खत्म होते जा रहे हैं. या यूं कहें कि बन नहीं रहे हैं. इसकी वजह से वैज्ञानिक परेशान हैं. क्योंकि उन्हें आशंका है कि कहीं यह सूरत की तरफ से आने वाले किसी बड़े सौर तूफान से पहले की शांत तो नहीं है. सूरज का तापमान कम होगा तो कई देश बर्फ में जम सकते हैं. कई जगहों पर भूकंप और सुनामी आ सकती है. बेवजह मौसम बदलने से फसलें खराब हो सकती हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि सूरज पर सोलर मिनिमम की प्रक्रिया चल रही है. यानी सूरज आराम कर रहा है. कुछ एक्सपर्ट इसे सूरज का रिसेशन और लॉकडाउन भी कह रहे हैं. यानी सूरज की सतह पर सन स्पॉट का घटना ठीक नहीं माना जाता.

एसिड अटैक पर टिकटॉक स्टार फैजल सिद्दीकी ने बनाया वीडियो, एक्शन लेगा NCW

टिक टॉक स्‍टार फैजल सिद्दीकी मुश्किल में पड़ गए हैं. उनकी एक वीडियो के चलते उनके खिलाफ ट्विटर पर लोगों का गुस्‍सा फूट रहा है. हाल ही में फैजल ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वे लड़कियों पर एसिड अटैक का महिमामंडन करते नजर आ रहे हैं. अब ट्विटर पर हो रहे हंगामे के बाद इस पर राष्‍ट्रीय महिला आयोग (NCW) कार्रवाई करने जा रहा है. एसिड अटैक को प्रमोट करता है वीडियो? वायरल वीडियो में फैजल एक ऐसे लड़के की एक्टिंग कर रहे हैं, जो अपने प्यार को खो देने का गम कर रहा है. वो अपनी प्रेमिका से कहते हैं कि उसने तुझे छोड़ दिया, जिसके लिए तूने मुझे छोड़ा था? और फिर उसपर कुछ फेंकते हैं. ये एसिड होता है, जिसकी वजह स लड़की का चेहरा खराब हो जाता है. NCW लेगा एक्शन? ट्विटर पर यूजर्स इस वीडियो की निंदा कर रहे हैं, जिसके बाद बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्‍गा ने NCW की चेयरपर्सन रेखा शर्मा को टैग किया और मामले को हाइलाइट किया. इसके बाद रेखा शर्मा ने उन्हें जवाब दिया कि वे इस मामले को पुलिस और टिकटॉक इंडिया तक लेकर जाएंगी. बता दें कि फैजल सिद्दीकी, टिक टॉक के पॉपुलर स्टार हैं और उनके 13.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं. फैजल सि...

1 से 15 जुलाई तक होगी सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षा, डेट शीट जारी

सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा के लिए डेट शीट जारी कर दी है. इस परीक्षा को कोरोना के कारण बीच में ही टाल दिया गया था. 12वीं की परीक्षाएं एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच होंगी. इसके साथ ही नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक जुलाई से 15 जुलाई तक सीबीएसई 10वीं की परीक्षा होगी. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने डेट शीट शेयर की है. सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा के लिए डेट शीट जारी कर दी है. इस परीक्षा को कोरोना के कारण बीच में ही टाल दिया गया था. 12वीं की परीक्षाएं एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच होंगी. इसके साथ ही नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक जुलाई से 15 जुलाई तक सीबीएसई 10वीं की परीक्षा होगी. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने डेट शीट शेयर की है. बता दें कि लॉकडाउन के चलते सीबीएसई बोर्ड ने जारी परीक्षाएं मार्च में ही रोक दी थीं. इसके बाद सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी ने दूसरे लॉकडाउन के वक्त घोषणा कर दी थी कि दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं नहीं आयोजित होंगी. लेकिन 12वीं बोर्ड की बची हुई परीक्षाओं में से 29 मुख्य विषयों की परीक्षाएं आयोजित होंगी. ये मुख्य विषय वो विषय हैं ...

कोलारस में लोक डाउन के चलते असामाजिक तत्व के लोग कर सकते हैं……

"सावधान----- बढ़ सकता है गुंडागर्दी, डकैती , चोरी, छिनतई अपराध लोकडौन खुलने के बाद -शीर्ष पुलिस अधिकारी का एक महत्वपूर्ण संदेश"* *अधिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति लगभग शून्य हो गयी है, इस कारण अपराध में उछाल आयेगा। लूट पाट, छीना झपटी व चोरी-चकारी में तेजी आयेगी।*शहरों या कस्बों में हम सभी को स्थिति से अवगत होना चाहिए। जब एक बार लॉकडाउन आंशिक रूप से / पूरी तरह से उठा लिया जाता है।*अपने आप को अपने परिवार और अपने सामान को बचाने में सक्रिय रखें।*जितने दिन भी, इन दिनों लाँकडाउन रहेगा, उन सभी दिनों में कमाई लगभग 'न' के बराबर होगी, इसलिए नौकरी छूटने / व्यापार पर कुप्रभाव के कारण, असामाजिक घटनाओं में अचानक उछाल आ सकता है।*  *1. लोगों को बहुत सावधान रहना होगा। इसमें घर के लोग, बच्चे, स्कूल और कॉलेज जाने वाले लड़के / लड़कियां, कामकाजी महिला/पुरुष शामिल हैं।*  *2. इस दौरान हो सके तो महंगी घड़ियाँ न पहनें।*  *3. महंगे चेन, चूड़ियां, ईयर रिंग्स न पहनें। अपने हैंड बैग्स के साथ सावधानी बरतें।*  *4. पुरुष हाई एंड वॉच, महंगे कंगन और चेन पहनने से परहेज करें।*  *5. अपने मो...

GDP विवाद पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का कांग्रेस पर पलटवार, कहा- मौजूदा आंकड़े ज्यादा सही

नई दिल्ली:  जीडीपी  (GDP) आंकड़ों को लेकर छिड़े विवाद पर वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्होंने गुरुवार को  कहा कि कांग्रेस पार्टी विरोधाभासी बातें कर रही है. वित्त मंत्री ने (Arun Jaitley) कहा कि जब नए मापदंडों पर जीडीपी डेटा (GDP Data) के नए सीरीज की शुरुआत हुई तो यूपीए सरकार के आखिर दो वर्ष भी दायरे में आए थे. उन्होंने इसे लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस भी की. इस दौरान उन्होंने कहा कि जीडीपी (GDP) के नए आंकड़े पहले की तुलना में ज्यादा सही हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने कहा कि कल सीएसओ में अपने न्यू जीडीपी सीरीज के बेसिस पर 2004-05 से लेकर 2011-12 तक अपने रिविजन सार्वजनिक किए हैं. फरवरी 2015 में उन्होंने अपना न्या फॉरमूलेशन किया था, इसपर न्यू जीडीपी सीरीज बनाई गई थी.

डिस्चार्ज पॉलिसी में बदलाव ने कैसे भारत में कोरोना रिकवरी रेट को ऊंचा कर दिया?

भारत में 34,000 से अधिक लोग SARS-CoV2 वायरस से रिकवर हो चुके हैं, और रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है. लेकिन 17 मई की सुबह तक भारत दुनिया में सक्रिय केसों की सबसे ज्यादा पूर्ण संख्या (एब्सोल्यूट नंबर) को लेकर 8वें स्थान पर है. (5वां सबसे ऊंचा प्रतिशत के संदर्भ में) रिकवरी रेट कई फैक्टर्स का एक फंक्शन है – इनमें एक देश की मृत्यु दर, अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता वाले केसों की संख्या, देखभाल की क्वालिटी और डिस्चार्ज पॉलिसी शामिल है.