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मप्र / राज्यसभा का चुनाव कार्यक्रम जारी; मध्य प्रदेश की 3 सीटों का 26 मार्च को फैसला होगा

भोपाल. मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव के लिए 6 मार्च को अधिसूचना जारी होगी।13 मार्च तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे और 16 मार्च को इनकी जांच होगी। 18 मार्च तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। चुनाव के लिए मतदान 26 मार्च को होगा और इसी दिन मतों की गिनती होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।
मध्यप्रदेश से 3 राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। विधानसभा में वर्तमान में विधायकों की संख्या के आधार पर माना जा रहा है कि इन 3 में से 2सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे। राज्य में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा की ओर से राज्यसभा जाने के इच्छुक दावेदार  सक्रिय हो गए हैं। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की कुल 11 सीट हैं।

अप्रैल में मप्र में खाली होंगी3 सीटें
अप्रैल में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की 3सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से फिलहाल 2 भाजपा और 1कांग्रेस के पास है, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्यसभा सीटों का समीकरण भी बदल गया है। अब कांग्रेस के खाते में 2और भाजपा के खाते में 1सीट जाना तय माना जा रहा है।

ये है राज्यसभा का समीकरण

  • विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राज्यसभा सीट का निर्धारण होता है।
  • एक राज्यसभा सीट के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है।
  • मप्र में 2विधायकों के निधन के बाद खाली हुई सीट के अलावा 228 विधायक हैं।
  • विधानसभा मेंकांग्रेस के पास 115 
  • विधायकों और 6 निर्दलीय के समर्थन से 2 राज्यसभा सीट मिलेंगी।
  • भाजपा के पास 107 विधायक हैं। वोटिंग में महज एक सीट ही हिस्से में आएगी।
  • कौन हैं राज्यसभा जाने के दावेदार
    राज्यसभा की 3सीटों पर दोनों की पार्टियों से नेता अपनी दावेदारी जता रहे हैं, लेकिन कांग्रेस में ज्यादा घमासान मचा है। यहां पर दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है, वो दोबारा राज्यसभा के लिए गणित भिड़ा रहे हैं। पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा में भेजे जाने की मांग कांग्रेस के एक खेमे से लगातार उठ रही है। वहीं, प्रियंका गांधी का नाम भी सुर्खियों में हैं। अगर प्रियंका गांधी का नाम मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए फाइनल होता है तो सिंधिया और दिग्विजय सिंह में एक का पत्ता कटना तय है। भाजपा में प्रभात झा दोबारा राज्यसभा जाने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि उन्हें फिर से मौका मिलेगा या नहीं, ये अभी पक्का नहीं है।

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