साल 2015-16 में शहर के एक संकुल के अंतर्गत आने वाले कुछ स्कूलों में लाखों के छात्रवृत्ति घोटाले का मामला सामने आया था। इसे लेकर अब तक कभी जांच तो कभी दस्तावेजों के सत्यापन का दौर चलता रहा। मामले में एक स्कूल संचालक और पूर्व संकुल प्राचार्य पर केस दर्ज करने तक बात जा पहुंची तो इस मामले में अन्य स्कूलों के संचालक भी भयभीत हो गए हैं। उनका कहना है कि पूरा मामला षडयंत्र से घिरा हुआ है। जो शिकायतकर्ता है, वही खुद एक स्कूल का प्राचार्य रह चुका है। पूरी साजिश में उसका अहम किरदार है। यहां तक कि दो कियोस्क संचालक भी मामले में शामिल हैं, जिन्होंने नाम किसी का और खाते किसी बच्चे के नाम पर खोलकर फर्जी आईडी तैयार की और राशि आहरित कर ली। बाद में दोष स्कूलों पर थोपा जा रहा है। यदि इस मामले की जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। स्कूल संचालक गुरुवार को इसी संबंध में कलेक्टर के पास पहुंचे और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर डाली।
मुकेश गौड - प्रधान संपादक
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