Skip to main content

मॉनसून सत्र: सरकार ने दिया जवाब, श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 97 लोगों की गई जान


लॉकडाउन के दौरान कितने प्रवासी मजदूरों की जान गई? सोमवार से शुरू संसद के मॉनसून सत्र में विपक्ष ने इस सवाल को लेकर सरकार को घेरा. बवाल तब और अधिक बढ़ गया जब केंद्र सरकार की तरफ से जवाब आया कि इस संबंध में उनके पास कोई डेटा उपलब्ध नहीं है. जिसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर से सरकार से सवाल किया गया कि लॉकडाउन के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में कितने लोगों की जान गई. सरकार ने राज्यसभा में इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 9 सितंबर तक कुल 97 लोगों की जान गई है

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन की ओर से राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया, ''9 सितंबर तक कुल 97 लोगों की जान गई है. इन 97 मौतों में से 87 डेड बॉडीज को राज्य पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. संबंधित राज्यों पुलिसों से अब तक 51 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हासिल हुए हैं. इनमें मौतों की वजह कार्डिएक अरेस्ट, दिल की बीमारी, ब्रेन हेमरेज, लंग और लीवर डिजीज बताया गया है.'

इससे पहले मई महीने में 80 श्रमिक मजदूरों के मौत की रिपोर्ट सामने आई थी. रेलवे प्रोटेक्शन पुलिस के हवाले से बताया गया था कि 9 मई से 27 मई के बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन के अंदर 80 लोगों की जान गई थी. 

बता दें, कोरोना वायरस संकट के बाद जब देश में लॉकडाउन लगा था, तो प्रवासी मजदूरों पर काफी असर हुआ था. लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर सड़कों पर थे, इस दौरान कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई थी. इसी मसले को लेकर सोमवार को संसद में सवाल पूछा गया था कि लॉकडाउन के दौरान हजारों मजदूरों की मौत हुई है, क्या सरकार के पास कोई आधिकारिक आंकड़ा है. 

इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि उनके पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है. सरकार की ओर से ये भी जवाब दिया गया कि लॉकडाउन में करीब 80 करोड़ लोगों को अतिरिक्त राशन दिया गया है, ये प्रक्रिया नवंबर तक जारी रहेगी.    

Comments

Popular posts from this blog

कोलारस बाईपास पर आज हुआ दर्दनाक हादसा जिसमें 2 लोगों की मौके पर मौत...

कोलारस हाइवे बाईपास केला देवी वेयर हाउस एवं श्रीनाथ होटल के सामने ट्रक संचालक ने बाइक सवार में मारी टक्कर बाइक पर सवार दो नवयुवक की मौके पर मौत..  1.रामकृष्ण बाथम (किल्ली) पिता श्री सुरेश बाथम (हलवाई) 22 वर्षीय युवक  2. ग्यारशी बाथम (छोटू) पिता स्वर्गीय सुल्तान बाथम आयु 30 वर्ष

शिवपुरी 👉 7 तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के तबादले, कलेक्टर ने जारी किया आदेश👇👇

शिवपुरी में 7 तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के तबादले, कलेक्टर ने जारी किया आदेश। ब्रेकिंग न्यूज़ कोबरा।  मुकेश गौड़ आशीष गौड  शिवपुरी - जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने बड़े स्तर पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के तबादला आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर कार्यालय से बुधवार 6 अगस्त 2026 को जारी आदेश क्रमांक-933 के अनुसार 👉कुल 7 अधिकारियों को अन्य आगामी आदेश पर्यन्त नवीन तहसीलों में पदस्थ किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार अजय कुमार परसैंडिया जो वर्तमान में गैर न्यायिक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसील पोहरी / बैराड़ के पद पर पदस्थ थे, उन्हें अब तहसीलदार रन्नौद बनाया गया है। वहीं तहसील शिवपुरी वृत्त सुभाषपुरा, सतनवाड़ा की तहसीलदार सुश्री कल्पना शर्मा को पोहरी तहसीलदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नायब तहसीलदारों की सूची में प्रभारी तहसीलदार पोहरी शिवम उपाध्याय को शिवपुरी वृत्त सुभाषपुरा, सतनवाड़ा भेजा गया है। गैर न्यायिक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसील करैरा/नरवर के पद पर पदस्थ नायब तहसीलदार शैलेन्द्र भार्गव को तहसील बैराड़ वृत्...
सामान्य वर्ग आज 8 मार्च को जंतर मंतर पर करेगा धरना प्रदर्शन - कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा । कोबरा ब्रेकिंग न्यूज़।  मुकेश गौड़ आशीष गौड। शिवपुरी -अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक पंडित सुभाष कुमार चतुर्वेदी के आवाहन पर सामान्य वर्ग 8 मार्च 2026 रविवार को 10:00 बजे से जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगा। यह जानकारी प्रदेश उपाध्यक्ष कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के खिलाफ काले कानूनों द्वारा जो षड्यंत्र रचा जा रहा है , मोदी सरकार ने अनुच्छेद 16 में ओबीसी शब्द जोड़कर आखिरी कील ठोक दी है। प्रोन्नति में आरक्षण देने से योग्यता का समूल नाश होता है। आरक्षण केवल एससी/एसटी वर्ग तक सीमित था। लेकिन अनुच्छेद 16(4 A) के दायरे में ओबीसी को शामिल करने का जो रास्ता साफ किया गया है वह सामान्य वर्ग के करियर को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा।  अब सामान्य वर्ग का मेधावी छात्र पूरी उम्र मेहनत करके भी ऊंचे पदों पर नहीं पहुंच पाएगा, क्योंकि उसके ऊपर 'आरक्षण की सीढ़ी' चढ़कर जूनियर लोग बैठ जाएंगे। यह योग्यता की खुली हत्या है।  ...