मेडिकल कॉलेज में हुआ जटिल ऑपरेशन, 14 वर्षीय बालिका के पेट से निकाला 👉बालों का गुच्छ ाडॉक्टरों ने दुर्लभ सर्जरी कर बचाई बालिका की 👉जान
मेडिकल कॉलेज में हुआ जटिल ऑपरेशन, 14 वर्षीय बालिका के पेट से निकाला 👉बालों का गुच्छा
डॉक्टरों ने दुर्लभ सर्जरी कर बचाई बालिका की जान।
ब्रेकिंग न्यूज़ 👉कोबरा
मुकेश गौड़ आशीष गौड
शिवपुरी, 13 सितम्बर 2026/ श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी (मेडिकल कॉलेज) के डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी करने में बड़ी सफलता हासिल की है। सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान और उनकी टीम ने पेट दर्द की गंभीर बीमारी से जूझ रही एक 14 वर्षीय बालिका का सफल ऑपरेशन कर उसके पेट (स्टमक) से बालों का बड़ा गुच्छा बाहर निकाला। इस सफल सर्जरी से बालिका को गंभीर पीड़ा से मुक्ति मिली है और उसकी जान बचाई जा सकी है।
*मरीज की स्थिति और केस की पृष्ठभूमि*
बालिका को पेट में अत्यधिक दर्द की शिकायत के चलते अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। मेडिसिन विभाग के डॉ. दिव्यांश गुप्ता ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे सर्जरी विभाग की यूनिट नंबर 2 में ट्रांसफर किया। प्राथमिक जांचों के दौरान बालिका के हीमोग्लोबिन का स्तर 7.6 पाया गया तथा स्टमक में परफोरेशन (छिद्र) होने की संभावना सामने आई। स्थिति को संभालते हुए सर्जरी से पूर्व बालिका को दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया।
*दुर्लभ बीमारी की पहचान और जटिल सर्जरी की प्रक्रिया*
आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षणों के बाद बालिका को लेप्रोटोमी के लिए तैयार किया गया। जांच में पाया गया कि बालिका अति दुर्लभ बीमारी 'ट्राइकोबेजोर ऑफ स्टमक एंड डुओडेनम' से पीड़ित थी। इस बीमारी में बालिका द्वारा खाए गए बाल पेट के भीतर एकत्र होकर एक बड़ा गुच्छा बन चुके थे, जिसने पूरी स्टमक कैविटी को घेर रखा था। डॉ. सौरभ चौहान की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने स्टमक की बाहरी परत में कट लगाकर अत्यंत सावधानीपूर्वक बालों के इस गुच्छे को सुरक्षित बाहर निकाला।
*चिकित्सकीय टीम का सराहनीय योगदान*
इस जटिल और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान के साथ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र नरवरिया एवं पीजी प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. महेश पाटीदार शामिल रहे। निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग से डॉ. प्रियंका गुप्ता और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि ऑपरेशन के दौरान स्क्रब नर्स दिव्या ने सहयोग प्रदान किया। सफल सर्जरी के बाद मरीज बालिका पूरी तरह से सुरक्षित है, जिससे उसके परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
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