रामकथा रूपी मंदाकिनी में गोता लगाने से भक्ति ज्ञान की प्राप्ति :- आचार्य संतोष महाराज ।
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मुकेश गौड़ आशीष गौड
कोलारस- श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर रंगमहल पर संगीतमय में कथा गणेशमहोत्सव कार्यक्रम के तहत श्रीराम कथा मंदाकिनी कथा आचार्य सतोष महाराज के मधुर मुखारविदु से भक्ति कथा का समापन का दिन आचार्य सतोष महाराज ने अपने प्रवचनों में कहाँ रामकथा रूपी मंदाकिनी में स्नान करने से माया - मोह का नाश होता है तथा भक्ति ज्ञान की प्राप्ति होती है [ आचार्य संतोष महाराज ने महत्वपूर्ण प्रसंग सुनाऐ जिनमे सीतहरण लंका दहन , रामरावण युद्ध और विभीषण के राज्यभिषेक से लेकर राजतिलक कथा का वर्णन सुनाया । आचार्य सतोष जी ने समाज को महत्वपूर्ण सदेश दिया कि दूसरों की संपत्ति पर कभी बुरी नजर नही डालनी चाहिए चाहे वह कितनी मूल्यवान क्यों न हो । . जव 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम अयोध्या लोटे तो नगरवासी खुशी से झूम उठे । श्रीराम ने बनवास के दौरान दीन दुखियों और वनवासियों के कष्ट दूर किए एवं लोगों को संगठित किया । इस संगठित शक्ति से समाज की बुराइयों का अंत किया । इस संगठित शक्ति से समाज की बुराइयों का अंत किया । उन्होने राम भक्तो को अच्छे कार्य करने का संदेश दिया । आचार्य सतोष महाराज ने प्रवचनो के माध्यम से बताया रामकथा ऐसा अमृत है जिसे पीने से श्रोता और वक्ता दोनो परमानंद और परम शक्ति का अनुभव करता है ।
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