राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली*कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम स्थानीय समिति का गठन और 'प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर' की स्थापना के निर्देश।
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली
*कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम स्थानीय समिति का गठन और 'प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर' की स्थापना के निर्देश।
ब्रेकिंग न्यूज़ 👉 कोबरा
मुकेश गौड़
शिवपुरी, 28 सितम्बर 2026/ राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार शिवपुरी में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा, विधिक सहायता तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रहाटकर ने जिले में संचालित प्रमुख महिला सशक्तिकरण एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत ब्योरा लिया। उन्होंने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', 'सुकन्या समृद्धि योजना', 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना', 'मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना', 'विधवा पेंशन' तथा 'लखपति दीदी' योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' के तहत महिलाओं को स्वरोजगार, स्थानीय आजीविका और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। स्वास्थ्य व पोषण क्षेत्र की समीक्षा करते हुए उन्होंने 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना', हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं की सतत निगरानी, पोषण मटका व आंगनवाड़ी सेवाओं तथा बालिकाओं व महिलाओं में एनीमिया नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों की गहन समीक्षा की।
महिला सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे त्वरित मेडिकल, लीगल, काउंसिलिंग एवं साइकोलॉजिकल सपोर्ट मिल सके। साथ ही, दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, बाल विवाह और भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक अपराधों के त्वरित निस्तारण एवं व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया गया कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाए, समयबद्ध तरीके से विवेचना पूर्ण कर कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की जाए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का सहयोग लिया जाए। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में महिला तस्करी की रोकथाम तथा साइबर क्राइम एवं ऑनलाइन प्रताड़ना से बचाव के लिए पुलिस साइबर सेल को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
कार्यस्थल पर सुरक्षा हेतु जिले के उन सभी शासकीय व निजी संस्थानों (स्कूल, अस्पताल, दफ्तर आदि) जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहाँ 'यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम' के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए गए। जिला पंचायत एवं संबंधित विभागों को इन समितियों के सदस्यों के लिए नियमित प्रशिक्षण व ओरिएंटेशन आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई। साथ ही वैवाहिक जीवन को सुदृढ़ बनाने हेतु राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा चलाए जा रहे 'प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर' (तेरे मेरे सपने) स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
*महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं सम्मान हेतु 10 सूत्रीय कार्ययोजना*
10-सूत्रीय कार्ययोजना के अंतर्गत महिला कल्याण योजनाओं के नियमित ऑडिट और उनकी डिजिटल मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रोटेक्शन ऑफिसर व बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी जैसे रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, एएचटी डेस्क व सीएडब्ल्यू सेल के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित करने की बात कही गई है। प्रशासनिक कसावट हेतु जिला मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में त्रेमासिक जेंडर समीक्षा बैठक के आयोजन, महिला शिकायतों के त्वरित निवारण और महिला अपराधों में समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कार्ययोजना को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस के नियमित जेंडर सेंसिटाइजेशन प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल तथा महिला अधिकारों व उपलब्ध सुरक्षा सेवाओं के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया है।
अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि किसी भी समाज अथवा राज्य की वास्तविक प्रगति महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके सम्मान पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि महिलाओं की बराबर भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी विभाग परस्पर समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें।
बैठक में म.प्र. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक, पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, म.प्र. राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव श्री सुरेश तोमर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रंजना चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री विजय राज, अपर कलेक्टर श्री दिनेश चंद्र शुक्ला, उपनिदेशक श्री रामावतार सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
समाचार क्रमांक 223/2026
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