जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु सुरक्षित पेयजल और नियमित क्लोरीनेशन के सख्त निर्देश**कलेक्टर श्री वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति स्रोतों की निरंतर जांच और सफाई के दिए निर्देश।
जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु सुरक्षित पेयजल और नियमित क्लोरीनेशन के सख्त निर्देश*
*कलेक्टर श्री वर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति स्रोतों की निरंतर जांच और सफाई के दिए निर्देश।
ब्रेकिंग न्यूज़ कोबरा।
मुकेश गौड़ आशीष गौड
शिवपुरी, 10 सितंबर 2026/ वर्षा ऋतु के दौरान वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों सहित जिला चिकित्सालय व मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बढ़ती मरीज संख्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग शिवपुरी को जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने तथा जल गुणवत्ता परीक्षण हेतु तत्काल प्रभाव से प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
*जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने हेतु क्लोरीनेशन और टंकियों की सफाई अनिवार्य*
कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि वर्षा ऋतु में दूषित जल के प्रवेश से दस्त, उल्टी-दस्त, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके समाधान हेतु जिले के समस्त नलकूपों, जलाशयों, पेयजल टंकियों एवं योजनाओं में निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित क्लोरीनेशन किया जाए तथा इसका विस्तृत रिकॉर्ड संधारित किया जाए। साथ ही, जिन टंकियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, उनकी प्राथमिकता से सफाई कराने और उनके ढक्कन व वेंट दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
*पाइप लाइन लीकेज सुधार और जल गुणवत्ता परीक्षण*
जारी निर्देशों के अनुसार पाइपलाइन नेटवर्क का नियमित निरीक्षण कर सीवर व नाली के पास किसी भी प्रकार के लीकेज या क्रॉस-कनेक्शन को तत्काल ठीक कराया जाए। जिन क्षेत्रों से बीमारियों के प्रकरणों की सूचना मिलती है, वहां सामान्य सारणी की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल विशेष जल नमूना संकलन व प्रयोगशाला परीक्षण कराया जाए। पानी असुरक्षित पाए जाने पर तुरंत वैकल्पिक सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
*मैदानी अमले की जवाबदेही और अंतर-विभागीय समन्वय*
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने पीएचई विभाग को निर्देश दिए हैं कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों से प्रभावी समन्वय बनाकर कार्य करें। विभागीय मैदानी अमला अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता, पाइपलाइन लीकेज और जलभराव की स्थिति का नियमित निरीक्षण करेगा। इसके साथ ही नागरिकों को पानी उबालकर पीने व सुरक्षित रखने हेतु जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
*लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई*
कलेक्टर श्री वर्मा ने विकासखंडवार समीक्षा कर संवेदनशील और बार-बार लीकेज वाले क्षेत्रों की पृथक सूची तैयार कर विशेष निगरानी रखने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि समस्त सुधारात्मक कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कर 07 दिवस के भीतर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
समाचार क्रमांक 80/2026 ---00---
Comments
Post a Comment