कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का चतुर्थ दिवस, किसानों को सिखाई गई उन्नत कृषि यंत्रों से फसल अवशेष प्रबंधन की तकनीक।
कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का चतुर्थ दिवस, किसानों को सिखाई गई उन्नत कृषि यंत्रों से फसल अवशेष प्रबंधन की तकनीक।
ब्रेकिंग न्यूज़ कोबरा।
मुकेश गौड़ आशीष गौड
शिवपुरी, 25 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार नरवाई या पराली न जलाने और मृदा की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के तत्वाधान में 21 से 25 अक्टूबर तक पांच दिवसीय फसल अवशेष प्रबंधन एवं संरक्षित खेती तकनीक कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस पर किसानों को व्यावहारिक जानकारी देने के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग, शिवपुरी का भ्रमण कराया गया।
प्रशिक्षण के चौथे दिन किसानों ने जिला शिवपुरी के कृषि अभियांत्रिकी विभाग का भ्रमण किया। इस दौरान सहायक कृषि यंत्री डॉ. भगवान सिंह नरवरिया एवं डॉ. एम.के. भार्गव की उपस्थिति में किसानों को नरवाई या पराली न जलाने तथा उन्नत कृषि यंत्रों की सहायता से फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से उचित प्रबंधन करने की तकनीकियों के बारे में विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने जिले में संचालित कस्टम हायरिंग सेवाओं तथा शासन की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।
भ्रमण और प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार ने शिवपुरी जिले की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप फसल-चक्र के उचित संयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत एवं आधुनिक कृषि यंत्रों की सुलभता और उनके उपयोग के फायदों से किसानों को अवगत कराया, ताकि कम लागत में बेहतर कृषि प्रबंधन किया जा सके।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेतों में नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है। विशेषज्ञों ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व और मित्र कीट नष्ट होते हैं, जबकि आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से अवशेष खाद में बदलकर जमीन की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाते हैं। प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे पराली जलाने की प्रथा को छोड़ें और संरक्षित खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाएं।
समाचार क्रमांक 175/2026
Comments
Post a Comment