सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों तथा समस्त शाखा प्रबंधकों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बकाया राशि वसूली के संबंध में समीक्षा की गई और बैंक के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और बैंक शाखा प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सहकारी बैंक की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश, राशि वसूली के लिए सक्रिय होकर काम करें
कलेक्टर का कड़ा रुख: बकाया राशि जमा न करने पर संपत्ति कुर्की, लायसेंस निरस्त करने की होगी कार्यवाही।
ब्रेकिंग न्यूज़ 👉🏼 कोबरा।
मुकेश गौड़
शिवपुरी, 21 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों तथा समस्त शाखा प्रबंधकों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बकाया राशि वसूली के संबंध में समीक्षा की गई और बैंक के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और बैंक शाखा प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री वर्मा ने सहकारी बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की समस्त शाखाओं में जिन बड़े बकायेदारों पर सर्वाधिक राशि बकाया है, उन्हें तुरंत चिन्हित किया जाए और उनके खिलाफ विधिवत नोटिस जारी किए जाएं और राशि की वसूली सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने समस्त तहसीलदारों को भी निर्देश दिए हैं।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि शत-प्रतिशत बकाया राशि की त्वरित वसूली की जाए। समयावधि में राशि जमा न होने पर संबंधितों की संपत्ति की कुर्की की कार्यवाही की जाए। समस्त शाखा प्रबंधकों को कुर्की आदेश जारी कराने के निर्देश दिए गए।
*शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी*
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि यदि नोटिस जारी होने के बावजूद बकायेदारों द्वारा राशि जमा नहीं की जाती है, तो उन सभी बकायेदारों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस कार्यवाही में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
*पूर्ण पारदर्शिता से काम करने के निर्देश*
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश देते हुए वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों में किसानों और आम नागरिकों की पूंजी जमा है, जिसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वित्तीय गड़बड़ियों से आमजन को हो रही परेशानी और जनसुनवाई में मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को बैंकों की सतत निगरानी के निर्देश दिए
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